



केपी सक्सेना लिखित नाटक का एसआरएमएस रिद्धिमा में मंचन
आर बी लाल
बरेली,टेलीग्रामसंवाद। श्रीराम मूर्ति स्मारक (एसआरएमएस) रिद्धिमा में रविवार शाम हास्य नाटक “खिलजी का दांत” का मंचन हुआ। केपी सक्सेना लिखित और विनायक कुमार श्रीवास्तव द्वारा निर्देशित हास्य और व्यंग से भरे इस नाटक ने दर्शकों को बहुत हंसाया। ये भी सोचने पर मजबूर किया कि हमारे समाज में किस किस तरह के लोग हैं। नाटक का मुख्य पात्र फिरदौसी है। हड़प्पा हाउस नाम उसकी कबाड़ी की दुकान है, जहां वह अपने साले फाहियान के साथ पुराने और एंटीक सामान बेचता है।

एक दिन उसकी दुकान में मिसेज पालकीवाला आती हैं। अपने ही अंदाज में वह वहां खिलजी का एक दांत मांगती है। क्योंकि पड़ोस में रहने वाली उसकी सहेली मिसेज झुनझुनवाला इसी दुकान से खिलजी का दांत मंहगे दाम में खरीद कर ले गयी है। इसीलिए मिसेज पालकीवाला भी दांत खरीदने की बात करती हैं, क्योंकि उसे भी मिसेज झुनझुनवाला की तरह अपने ड्राइंग रूम में खिलजी का दांत लगाना है। वह हड़प्पा हाउस में दांत का ऑर्डर देती हैं। कुछ समय बात एक नेता उसी दुकान पर यानि हड़प्पा हाउस आता है। उसके साथ उसका साला भी है। वह भी खुद को छोटा नेता मानता है। दोनों नेताओं और फिरदौसी और फाहियान की बात और हरकतें हास्य पैदा करती है। तभी मिसेज पालकीवाला और मिसेज झुनझुनवाला पुलिस इंस्पेक्टर और हवलदार के साथ गुस्से में आती हैं। उन्हें पता चल जाता है वो दांत नकली है, जो खिलजी का दांत बोल कर उन्हें बेचा गया था।


इंस्पेक्टर के हड़काने पर फिरदौसी और फाहियान अपनी गलती मानते हैं और हड़प्पा हाउस को खोलने की वजह अपनी गरीबी और परिस्थिति को बताते है। दोनों ही जेल चले जाते है। जेल जाने से पहले दोनों घर सजावट के लिए एंटीक सामान खरीदने के लिए लोग किस हद तक जा सकते हैं और क्या क्या कर सकते है, आइना दिखाते हैं। संजय सक्सेना (फिरदौसी), पंकज कुकरेती (फाहियान), सोनालिका सक्सेना (मिसेज पालकीवाला), तनु मिश्रा (मिसेज झुनझुनवाला), सूर्य प्रकाश (बड़ा नेता), शिवम यादव (छोटा नेता), आशुतोष अग्निहोत्री (इंस्पेक्टर), शिवा शर्मा (हवलदार) ने अपनी भूमिकाओं को संजीदगी से निभाया। नाटक में सुमन बिस्वास और टुक्कूमणि ने संगीत दिया। प्रकाश संचालन जिम्मेदारी रविंद्र गंगवार ने संभाला। साउंड जिम्मेदारी अरुण ने निभाई। मंच सज्जा अंशुल चौहान और मानेश यादव ने किया। इस मौके पर ट्रस्ट संस्थापक व चेयरमैन देव मूर्ति, आशा मूर्ति, आदित्य मूर्ति, उषा गुप्ता, सुभाष मेहरा, गिरिधर गोपाल खंडेलवाल, डा. प्रभाकर गुप्ता, डा. मनोज कुमार टांगरी, दीपेंद्र कामथान, निशांत अग्रवाल सहित कई लोग मौजूद रहे।
