बरेली में गौरैया, सरस और प्रवासी पक्षियों की सुरक्षा और संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा : दीक्षा भंडारी

आर के सिंह

बरेली,टेलीग्रामसंवाद। डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर (डीएफओ) दीक्षा भंडारी ने बरेली में गोरिया सारस और प्रवासियों की पक्षियों की सुरक्षा का संरक्षण के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
इस कार्य में समाजसेवी संगठन, शिक्षण संस्थानों का भी सहयोग लिया जाएगा।

डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर (डीएफओ) दीक्षा भंडारी,बरेली


बरेली की डीएफओ ने गौरैया दिवस से पूर्व बताया कि वास्तु शास्त्र के अनुसार गौरैया का घरों में आना बहुत शुभ संकेत माना जाता है ।इस चिड़िया के घर में आने से जीवन में मधुरता आती है, काम बनने लगते हैं कार्यक्षेत्र में सफलताएं मिलती हैं। हमारा प्रयास होगा कि इनकी घनी आबादी में आने और उनके के बारे में जागरूकता बढ़ाना और संरक्षण को प्रोत्साहन करना है।


उन्होंने चर्चा के दौरान बताया कि उत्तर प्रदेश के राजकीय पक्षी सारस की घटी संख्या ने पर्यावरण वन्य जीव प्रेमियों की चिंता बढ़ा दी थी उनके संरक्षण के लिए सरकार ने पहल की ,जिसके सुखद परिणाम मिलने लगे हैं । जिले में सारस की संख्या में बढ़ी है। 4 वर्षो में जिले सारस की संख्या करीब दोगुनी हो गई है , इससे उत्साहित वन विभाग में इनके संरक्षण के लिए जागरूकता अभियान चलाया हुआ है यह उनकी प्राथमिकता का पार्ट होगा।।

वन विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक बरेली में रामगंगा के आसपास 15 से 20 जगह पोखर है जहां पर प्रवासी पक्षियों को देखा जाता है । इसके अलावा अखा और भौजी पराग गांव में तालाब है जहां बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षियों का आगमन होता है बिलपुर के पास स्थित पोखर में मीरगंज में रामगंगा नदी के किनारे भी रंग-बिरंगे प्रवासी पक्षी देखे जा सकते हैं सिरोली की लीलौर झील के आसपास बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी नवंबर में ही आ जाते हैं और फरवरी तक यहां रहते हैं। इसके अलावा फरीदपुर क्षेत्र के वेटलैंड में कई जगह प्रवासी पक्षियों को देखा जाता है । वेस्टलैडल में भी निगरानी कर रही वन विभाग की टीम के मुताबिक लीलौर झील का आसपास बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी आते हैं। हमारा प्रयास होगा कि प्रवासी पक्षियों का संरक्षण और सुरक्षा सुनिश्चित हो ताकि इस वर्ष से अधिक पक्षी वहां विचरण करें।

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Author: Telegram Samvad