



बरेली, टेलीग्रामसंवाद। अंग्रेजी नव वर्ष सोमवार से शुरू हो रहा है मौजूदा साल विदा करने और नया साल का स्वागत करने के लिए तरह-तरह की तैयारी शुरू हो गई है।
पंडित आचार्य मुकेश मिश्रा ने बताया कि नव वर्ष से विश्व के अरबो लोगों की आशाएं जुड़ी होती हैं। इस बार उम्मीद का बोझ कुछ ज्यादा ही हैं। लोग पिछली परेशानियों से निजात पाने व नए साल में नव कीर्तिमान गढने को आतुर है। ऐसे में नव वर्ष उनकी उम्मीदों पर खरा उतर सकता हैं। ज्योतिष अनुसार इस बार नव वर्ष की शुरुआत सोमवार से आयुष्मान योग में हो रही हैं। यानी नव वर्ष में पहली किरण आयुष्मान योग में पड़ने वाली हैं।
2024 में दो सूर्य और एक चंद्र ग्रहण होगा-
2024 में दो सूर्य ग्रहण एक चंद्र ग्रहण होगा। यह तीनों ग्रहण अप्रभावी होंगे। इनका प्रभाव भारत में नहीं होगा। शादियों की बात करें तो, करीब इस वर्ष जनवरी में सात फरवरी में आठ मार्च में सात अप्रैल में सात जुलाई में सात नवंबर में छ: दिसंबर में आठ कुल मिलाकर के 50 विवाह शुभ मुहूर्त रहेंगे। वही अंक ज्योतिष की बात करें तो 2024 का प्राप्तांक 8 प्राप्त हो रहा है।हम वर्ष के चार अंकों को एक एकल अंक में जोड़ते हैं। 2024 (2+0+2+4) के मामले में, आठ अंक प्राप्त होते हैं, जो, शनि है, हम सभी के लिए बहुत अच्छी खबर है।
2024 का अंकज्योतिष हमें बताता है कि यह भौतिक और आध्यात्मिक केंद्र का वर्ष होगा। अंक 8 नेतृत्व, समृद्धि और सफलता की संख्या है। कई आध्यात्मिक स्थानों में, आठ अनंत प्रतीक का भी प्रतिनिधित्व करता है, जो हमें लगातार दोहराए जाने वाले चक्रों के बजाय कर्म पूरा करने के लिए कहता है। अर्थात इस बार कम करने का पूरा फल जातकों को मिलेगा।
पहले ही दिन बन रहे यह राजयोग
ज्योतिष शास्त्र अनुसार, साल में पहले दिन गजकेसरी योग बन रहा है। दरअसल, देवता गुरु स्वराशि मेष राशि में विराजमान है। वहीं, चंद्रमा सिंह राशि में विराजमान होंगे। ऐसे में गुरु की सीधी दृष्टि चंद्रमा पर पड़ रही है जिससे गजकेसरी योग बन रहा है। इसके साथ ही 31 दिसंबर को गुरु मेष राशि में वक्री अवस्था में मार्गी हो रहे हैं। ऐसे में गजलक्ष्मी राजयोग का निर्माण हो रहा है। साथ ही एक जनवरी सुबह 3 बजकर 41 मिनट से आयुष्मान योग हो रहा है। यह योग वर्ष भर संपन्नता और आयुष्मान प्रदान करेगा लेकिन ग्रह चाल की स्थिति के कारण देश दुनिया में उत्तर-पुथल भी दिखाई देगा कई राशियों पर शुभ और अशुभ प्रभाव भी होगा। बता दें, अगर नव वर्ष के पहले दिन विशेष पूजा पाठ की जाए तो पूरे वर्ष भर संपन्नता रहती है।
पहले दिन करें शिव आराधना
नव वर्ष सोमवार से शुरू हो रहा है। ऐसे में इस दिन भगवान शिव आराधना करें पहले दिन यानी एक जनवरी सुबह हल्दी जल से स्नान करें। भगवान शिव अभिषेक करें फिर विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें यदि पाठ नहीं कर सकते हैं तो श्रवण भी करें। बता दें, इस दिन ओम नमः शिवाय मंत्र का जाप पूरे वर्ष भर कृपा बरसाएगा। यानी पूरे वर्ष भर घर परिवार में भोले बाबा की कृपा की फुहार नित्य निरंतर वर्ष भर बरसेगी।



