



आर बी लाल
बरेली,टेलीग्रामसंवाद। राज्य कर विभाग ने एक परिपत्र जारी कर कहा है कि संबंधित कारोबारी जीएसटी वार्षिक रिटर्न फार्म 9 और फार्म 9 सी दाखिल कर दें, अन्यथा 31 दिसंबर बाद जुर्माना भरना होगा। एडिशनल कमिश्नर राज्य कर स्तर-1 ओम प्रकाश चौबे ने कहा है कि वार्षिक रिटर्न और विवरण जमा ना करने पर 200 रूपये प्रतिदिन हिसाब से जुर्माना लगाया जाएगा। अर्थ दंड अलग से लगेगा।

ओम प्रकाश चौबे एडिशनल कमिश्नर बरेली जोन राज्य कर विभाग
एडिशनल कमिश्नर बरेली जोन ने बताया कि 31 दिसंबर तक जीएसटी वार्षिक रिटर्न दाखिल न करने पर जीएसटी अधिनियम की धारा 125 के तहत सामान्य अर्थदंड स्टेट और केंद्रीय जीएसटी का 50 हजार लगाया जा सकता है। इसके अलावा कारण बताओं नोटिस जारी किया जाएगा। उद्यमी को नोटिस जारी करने के बाद सुनवाई का अवसर मिलेगा। इसके बाद संतुष्टि ना होने पर जुर्माना डाल दिया जाएगा। उन्होंने कारोबारियों से आग्रह किया है कि वित्तीय वर्ष 2022-23 वार्षिक रिटर्न फॉर्म 9 और फॉर्म 9 सी 31 दिसंबर तक दाखिल कर दें। दाखिल न करने पर लेट फीस और जुर्माना दोनों लगेंगे।
दो करोड़ तक कारोबार फार्म 9 पर छूट
एडिशनल कमिश्नर ने बताया कि दो करोड़ तक सालाना टर्नओवर वाले कारोबारी जीएसटी वार्षिक रिटर्न फॉर्म 9 सी दाखिल करने से मुक्त कर दिए हैं। सालाना टर्नओवर 2022-23 में 2 करोड़ से अधिक है तब वार्षिक रिटर्न फॉर्म 9 अनिवार्य रूप से 31 दिसंबर तक दाखिल करना होगा। दाखिल न करने पर प्रतिदिन 200 रुपये लेट फीस लगेगी। इसके बाद ही वार्षिक रिटर्न फॉर्म 9 दाखिल हो सकेगा। सालाना टर्नओवर पांच करोड़ या इससे अधिक है। तब वार्षिक समाधान फॉर्म 9सी वित्तीय वर्ष 2022-23 का 31 दिसंबर 2023 तक दाखिल किया जाना है। इसका वार्षिक समाधान विवरण जीएसटी रिटर्न में घोषित टैक्स के आंकड़ों और वही खाते में व्यापारी द्वारा अपलोड किया जाता है। यदि टैक्स बन रहा है तब उसका भुगतान व्यापारी को करना होगा।



