रूप बदले पात्रों में हुआ प्रेम, परिस्थितियों ने किया लोटपोट

फाइव एलेमेंट्ज़ थिएटर ने किया कमेडी प्ले इधर उधर.. किधर का मंचन

आर बी लाल

बरेली, टेलीग्रामसंवाद। एसआरएमएस रिद्धिमा सभागार में “फाइव एलेमेंट्ज़ थिएटर दिल्ली” ने मैक्स ब्रोनेट द्वारा लिखित फैनफेयर द अमोर पर आधारित “इधर उधर किधर” का मंचन किया। नाटक रूपांतरण और निर्देशन राखी मेहरा और मानव मेहरा ने किया।

रविवार शाम प्रस्तुत किए गए इधर उधर किधर नाटक में दो बेरोजगार अभिनेता अमर और प्रेम एक व्यक्ति की हत्या होते हुए देख लेते हैं। हत्यारे को इसकी जानकारी हो जाती है। उससे बचने के लिए अमर और प्रेम लड़कियों के रूप में रहने लगते हैं। एक दिन खलनायक से बचने के लिए वे नाटक की रिहर्सल में घुस जाते जहां नाटक की निर्देशक चांदनी उन्हें अभिनेत्री समझ लेती है और अपने थियेटर ग्रुप में नौकरी पर रख लेती है। कहानी में मोड़ तब आता है जब इधर प्रोड्यूसर को ‘लड़की’ बने प्रेम से इश्क हो जाता है, और अमर को चांदनी से। उधर खलनायक उनकी जान के पीछे पड़ा हुआ है।

उथल पुथल से भरे घटनाक्रम दर्शकों को हंसने पर मजबूर कर देते हैं। अंत में अमर और प्रेम की वास्तविक पहचान सामने आती है और सब कुछ ठीक हो जाता है। नाटक में मानव मेहरा ने अमर व अमृता और गौरव देवगन ने प्रेम व प्रेमलता के रूप में पुरुष और महिला पात्रों को एक साथ निभा कर दर्शकों का दिल जीत लिया। राखी चौहान मेहता (चांदनी), हरीश सैनी (विजय), डा. विवेक कुमार (हैरी), रियांशी (सोनिया), सुधांशु सोम्यन (शाकाल), फरदीन खान (नारंग व सारंग), यश चौबे (निन्जा), नीरज (डाबर), चेतन पांडे (रमेश) ने उत्कृष्ट अभिनय से दर्शकों को भरपूर हंसाया।

नाटक में मानसी मेहता ने संगीत दिया और भरत ने प्रकाश संचालन जिम्मेदारी निभाई। इस मौके एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) डा. एमएस बुटोला, डा. प्रभाकर गुप्ता, डा. अनुज कुमार, डा. रीता शर्मा सहित शहर गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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Author: Telegram Samvad