



बरेली, टेलीग्रामसंवाद। वैसे तो हर महीने अमावस्या आती है। लेकिन, सोमवार के दिन अमावस्या पड़ जाए तो उसे सोमवती अमावस्या कहते हैं। इस अमावस्या का महत्व पूजा- पाठ, दान करने के लिए अधिक माना जाता है। इसलिए गत सोमवार को अमावस्या तिथि पड़ी जिस कारण लोगों में उत्साह उमंग दिखाई दिया। लोगों ने गंगादि नदियों में स्नान किया। कई लोगों ने तो घर में ही गंगाजल जल में मिला करके स्नान कर दान पुण्य किया। सुहागिन महिलाएं इस व्रत को विशेष रूप से करती है।

माना जाता है इस व्रत को करने से जीवन में सुख -शांति और दांपत्य जीवन में मीठास आती है। श्रद्धालुओं की मंदिरो में भी भीड़ लगी रही। कई जगह महिलाओं ने मंदिरों में पूजन किया और पीपल वृक्ष की 108 परिक्रमाएं की। इसी क्रम में रोहिली टोला स्थित प्राचीन माहौर वैश्य नवदुर्गा में महिलाओं ने पूजन अर्चन कर पीपल के वृक्ष की परिक्रमाएं की और सुख समृद्धि का आशीर्वाद मांग कर अपने जीवन में संपन्नता की कामना की

