



गरीबों तक पहुंच रहा सस्ता और अच्छा खाद्यान्न
आर बी लाल
बरेली, टेलीग्रामहिन्दी। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) उपभोक्ता मामले, खाद्य व सार्वजनिक वितरण मंत्रालय से संबंधित खाद्य व सार्वजनिक वितरण क्षेत्र का उपक्रम है। 1965 में हुए भीषण अन्न संकट, विशेष रूप से गेहूँ अभाव के चलते इसकी स्थापना हुई थी। कृषकों को लाभकारी मूल्य और गरीबों को सस्ती दरों पर गुणवत्तायुक्त अनाज उपलब्ध कराना इसका मुख्य उद्देश्य है। यह परंपरा लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है। यही वजह है कि इन दिनों गेहूं उत्पादन कम होने पर भी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाई है। गरीबों को सस्ता व अच्छा चावल और गेहूं उपलब्ध कराने का अभियान चल रहा है। गोदाम में जिस तरह से खाद्यान्न अनुरक्षण किया जाता है वह तारीफ लायक है।
पिछले दिनों मीडिया से जुड़े लोगो ने भारतीय खाद्य निगम गोदामो में खाद्यान्न रख-रखाव किए जाने संबंधी नए तौर-तरीके नजदीक से समझे। एफसीआई अफसर और तकनीकी स्टाफ द्वारा भारत सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजना अंतर्गत राज्य सरकार माध्यम से गेहूं व चावल निर्गत किए जाने संबंधी जानकारी दी गई।


गोदामों से आकस्मिक लिए नमूने, किया लाइव विश्लेषण
एफसीआई गुणवत्ता नियंत्रक प्रबंधक सुनील त्यागी (डिपो) व अधीनस्थ स्टाफ ने मीडिया से बात कर हर सवाल पर तरीके से जवाब दिया। गोदाम में गेहूं व चावल का वैज्ञानिक ढंग से भंडारण किए जाने की पूरी जानकारी दी गई।गोदामों से आकस्मिक चावल नमूने लेकर लैब में लाइव विश्लेषण कर प्रदर्शित किया गया।
कल्याणकारी योजना से मीडिया हुआ रूबरू
विभिन्न कल्याणकारी योजनाओ मैं गोदाम से राज्य सरकार को निर्गत किए जा रहे खाद्यान्नों के बारे में बताया। प्रबन्धक (डिपो), परसाखेड़ा ने ऑनलाइन डिपो, सीसीटीवी व ई-ऑफिस सिस्टम से अवगत कराया गया।

पौष्टिक फ़ोर्टिफिएड चावल वितरण
प्रबन्धक अंकुश गुप्ता (गुणवत्ता नियंत्रण) ने मीडिया को यह बताया कि वर्तमान मे भारतीय खाद्य निगम द्वारा गेहूं के साथ-साथ सम्पूर्ण पोषण युक्त फ़ोर्टिफिएड चावल भारत सरकार समस्त योजनाओ में दिया जा रहा है। बताया गया कि आम जनमानस व स्कूल बच्चों को पोषण युक्त चावल का लाभ मिल रहा है। खाद्यान्न कीटमुक्त रखने के वैज्ञानिक उपाय व कैसे परीक्षण किया जाता है, इसकी जानकारी भी मीडिया से साझा की गई।
खाद्यान्न स्टॉक भरपूर, कीमतों पर लगी लगाम
भारतीय खाद्य निगम गोदाम में प्रचुर मात्रा में चावल और गेहूं भरा पड़ा है अगर बरेली मंडल मैं देखा जाए तो करीब 19 महीने का भंडारण मौजूद है। भारतीय खाद्य निगम इन दोनों फ्लोर मिल और प्रोसेसर प्रतिष्ठानों के लिए खुली नीलामी में खाद्यान्न उपलब्ध करा रहा है। गेहूं 2150 रुपए तो चावल 2900 रुपए प्रति कुंतल उपलब्ध कराया जा रहा है। नीलामी में सिर्फ फ्लोर मिल और प्रोसेसर प्रतिष्ठान भाग ले सकते हैं। थोक कारोबारी अथवा आढ़ती नीलामी प्रक्रिया से दूर रखे गए हैं, इसलिए गेहूं और आटा कीमत नहीं बढ़ पा रही है।
गोदाम परिसर में पौधारोपण
गोदाम पर खाद्यान्न रखरखाव संबंधी जानकारी मिलने पर मीडिया काफी प्रभावित हुआ। मीडियाकर्मियों, एफसीआई अधिकारी व कर्मचारियों द्वारा गोदाम परिसर में पौधारोपण किया गया। मण्डल प्रबन्धक, भारतीय खाद्य निगम, बरेली सुनील कुमार सुमन ने भंडारगृह में कार्यरत अधिकारियों/कर्मचारियों व श्रमिकों की शिकायतें गौर से सुना और उसके शीघ्र निराकरण किए जाने हेतु आश्वस्त किया।एफसीआई अधिकारियों व स्टाफ ने मीडियाकर्मियों को उनके द्वारा दिए गए सहयोग पर आभार व्यक्त किया।


