युवाओं में कम उम्र में बढ़ रहा हड्डी और स्पाइन रोग , स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने जताई चिंता

पांशुल फिजियोथेरेपी एंड पैरालिसिस केयर सेंटर के सहयोग से कार्यक्रम आयोजित किया गया

विशेष संवाददाता

बरेली, टेलीग्रामहिन्दी। स्टेशन रोड स्थित एक होटल में पांशुल फिजियोथेरेपी एंड पैरालिसिस केयर सेंटर के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में धर्मशिला नारायणा सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल, दिल्ली के डॉ. (प्रो) बी एस मूर्ति, डायरेक्टर एंड सीनियर कंसल्टेंट – आर्थोपेडिक्स जो एक प्रसिद्ध हड्डी रोग एवं जोड़ प्रत्यारोपण विशेषज्ञ रहे हैं, जिन्होंने सफलतापूर्वक 15000 से भी अधिक ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी की हैं। उनके ही साथ ही डॉ. वी. ए. सेंथिल कुमार, विभागाध्यक्ष एंड सीनियर कंसलटेंट – आर्थोपेडिक्स एक प्रसिद्ध कमर शल्य चिकित्सक (स्पाइन सर्जन) मौजूद रहे । कार्यक्रम में मौजूद दोनों विशेषज्ञओ ने युवाओं में बढ़ रहे हड्डी एवं स्पाइन संबंधी रोग को लेकर चिंता जताई और साथ मे जोड़ प्रत्यारोपण एवं रीढ़ की हड्डी संबंधी बीमारियों को लेकर लोगों को जागरूक भी किया ।

आजकल युवाओं में अनियमित जीवनशैली, अस्वस्थ कर आहार, व्यायाम की कमी व अन्य कारणों के चलते हड्डी एवं स्पाइन संबंधी रोग बढ़ते ही चले जा रहे हैं। जिनका सही समय पर इलाज और रोकथाम बहुत आवश्यक है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के मुताबिक विश्व में हर साल 250,000 से 500,000 लोगों के बीच जोड़ों की हड्डियों में चोट लगती है, जिसमें सड़क यातायात दुर्घटनाएं, गिरना और हिंसा तीन कारण प्रमुख हैं, इसलिए अपनी हड्डियों का ख्याल रखना बहुत आवश्यक है।


डॉ जितेन्द्र मौर्या ने बताया कि पांशुल फिजियोथेरेपी एंड पैरालिसिस केयर सेंटर के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों में कम उम्र में बढ़ रही हड्डी रोग समस्या को लेकर किया गया । उन्होंने बताया इस समस्या के हल करने के लिए आज हमने दिल्ली से प्रसिद्ध हड्डी रोग एवं जोड़ प्रत्यारोपण की टीम को बुलाया गया ,ताकि लोगो जागरुक हो सके और बीमारी से बचे ।

कार्यक्रम में मौजूद धर्मशिला नारायणा सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल, दिल्ली के डॉ. (प्रो) बी एस मूर्ति, डायरेक्टर एंड सीनियर कंसल्टेंट – आर्थोपेडिक्स जो एक प्रसिद्ध हड्डी रोग एवं जोड़ प्रत्यारोपण विशेषज्ञ हैं डॉ. (प्रो) बी. एस. मूर्ति ने बताया कि आजकल लोगों में कुर्सी पर ज्यादा समय बैठकर काम करने से उनके रीढ़ की हड्डी में दर्द की समस्या बन जाती है. इसलिए लोगों को लगातार कुर्सी पर बैठकर काम करने से बचना चाहिए। यदि ऐसी कोई मजबूरी हो तब भी बीच-बीच में टहलते रहना चाहिए। लोगों को दिन में कम से कम 30 मिनट वॉक या फिर एक्सरसाइज और योग जरूर करना चाहिए, जिससे उनके शरीर के हड्डियों में लचीलापन बना रहता है। यदि फिर हड्डियों से संबंधित कोई समस्या है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करे।

प्रेसवार्ता में मौजूद डॉ. वी. ए. सेंथिल कुमार,विभागाध्यक्ष एंड सीनियर कंसलटेंट – आर्थोपेडिक्स एक प्रसिद्ध कमर शल्य चिकित्सक (स्पाइन सर्जन) ने बताया कि युवाओं में शारीरिक गतिशीलता की कमी, गलत पाक्षर में बैठने व अन्य कारणों के चलते स्पाइन प्रॉब्लम बढ़ गए हैं इसलिए उन्हें इसे नजर अंदाज नहीं करना चाहिए और अपनी डाइट में ताजा फल, सब्जियां दातें और प्रोटीन युक्त आहार का सेवन करें, अपनी जीवनशैली में व्यायाम को जरूर महत्व दें. सीधे चलने एवं सीधे खड़े रहने की आदत डालें, ज्यादा झुक कर बैठने से बचें, धूम्रपान व शराब के सेवन से बचें, सोते समय अपनी पोजीशन को व्यवस्थित रखें और किसी भी प्रकार की स्पाइन से संबंधित समस्या होने पर शुरुआत में ही डॉक्टर से संपर्क करें क्योंकि अधिक देर होने पर या समस्या भी बड़ी हो जाती है जिसे ठीक करने में कई प्रकार की घटनाएं उत्पन्न होती हैं।

अगर इसके इलाज की अगर बात की जाए तो इसमें सबसे प्रमुख स्थान पर दवाइयां आती है जिससे दर्द कम हो जाता है। परंतु या तभी संभव है जब आप जल्द डॉक्टर के पास समय रहते पहुंचे अधिक गंभीर स्थिति में देर होने पर डॉक्टर स्टेरॉयड इंजेक्शन का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। ऐसे मौकों पर डॉक्टर आपको फिजिकल थेरेपी की सलाह भी दे सकते हैं जिसमें फिजिकल थैरेपिस्ट आपके दर्द के मुताबिक विभिन्न तरह की थेरेपी से मदद करने की कोशिश करेंगे। इससे दर्द में फायदा भी होगा और आपकी रीढ़ की हड्डी के स्वास्थ्य में सुधार होगा। जब इन उपायों की मदद से भी आराम नहीं मिलता है तो डॉक्टर को सर्जरी की मदद लेनी पड़ जाती है। इसलिए इसका इलाज लक्षणों को देखने पर ही तुरंत कराना चाहिए।

मरीजों की सुविधा के लिए धर्मशाला नारायणा अस्पताल दिल्ली के वरिष्ठ हड्डी, जोड़ रोग एवं स्पाइनल सर्जन डॉ०वी०ए०सेंथिल कुमार हर माह के तीसरे बुधवार को बरेली में पांशुल फिजियोथेरेपी सेंटर पर परामर्श हेतु उपलब्ध रहते हैं।

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Author: Telegram Hindi