



वेद प्रकाश दुबे
देवरिया , टेलीग्रामहिन्दी । आज के दिन 08 अगस्त 1942 की रात भारत से ब्रिटिश साम्राज्य को समाप्त करने के लिए अंग्रेजों भारत छोड़ों आन्दोलन की शुरुआत पूरे देश में किया गया था। जिससे घबराकर अंग्रेजों ने महात्मा गाँधी को गिरफ्तार कर लिये थे। यह भारत को तुरंत आजाद कराने का सविनय अवज्ञा आन्दोलन था।
आज अंग्रेजो भारत छोड़ों आंदोलन की वर्षगांठ पर भाजपा नगर मण्डल के कार्यकर्ताओं ने नगर पालिका देवरिया स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन किया।इस दौरान नगर अध्यक्ष भाजपा संजय पाण्डेय ने कहा कि महात्मा गांधी ने आज ही के दिन 8 अगस्त 1942 की रात भारत से ब्रिटिश साम्राज्य को समाप्त करने के लिये अंग्रेजो भारत छोड़ो आंदोलन की शुरुआत पूरे देश में किया। जिससे घबराकर अंग्रेजो ने महात्मा गांधी को गिरफ्तार कर लिये थे।
करो या मरों और अंग्रेजो भारत छोड़ों के नारों के साथ शुरू 8 अगस्त के इस आंदोलन को अगले दिन 9 अगस्त को लाल बहादुर शास्त्री सरीखे एक छोटे से व्यक्ति ने प्रचण्ड रूप दे दिया।यह आंदोलन अंग्रेजी सरकार के खिलाफ ताबूत में आखिरी कील साबित हुआ।इसलिये इस क्रांति को अगस्त क्रांति भी कहते है। भाजपा के जिला मीडिया प्रभारी अम्बिकेश पाण्डेय ने कहा कि भारत छोड़ों आंदोलन अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ काफी प्रभावशाली साबित हुआ और अंग्रेजी शासन की नींद उड़ गई थी।भारत छोड़ों आंदोलन ने अंग्रेजी हुकूमत की नींव हिला दी थी।भारत छोड़ो आंदोलन का प्रभाव देशवासियों पर काफी गहरा पड़ा था। महात्मा गांधी ने इस आंदोलन के दौरान करो या मरो का नारा दिया था। करो या मरो के नारे ने लोगों को इस तरह प्रभावित किया कि अंग्रेजों को भारत छोड़कर जाना पड़ा।


