



आर बी लाल
बरेली , टेलीग्रामहिन्दी। बरेली में बक्शी परेड ग्राउंड पर एक भव्य पासिंग आउट परेड का आयोजन हुआ, जिसमें 164 अग्निवीरों के प्रथम बैच ने 31 सप्ताह के कठिन परिश्रम बाद अपने देश की आन, बान और शान की रक्षा करने के लिए अंतिम पग रखा तथा भारतीय सेना के अभिन्न अंग बन गए ।

मुख्य अतिथि लेफ्टिनेट जनरल बी. एस. राजू यूवाईएसएम,ने अग्निवीरों संग बातचीत में उनका हौसला बढ़ाते हुए कहा कि अग्निवीरों का भविष्य उज्ज्वल है। अतः प्रत्येक को अपना हौसला बुलंद रखना है। उन्होंने कहा कि इस अवसर से उन्हें जो अनुभव प्राप्त होगा, जीवन भर गौरव का स्त्रोत रहेगा। मुख्य अतिथि श्री राजू ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में तैनात होने से अग्निवीरों को विविध अनुभव प्राप्त होगा। उन्हें विभिन्न भाषाओं और विभिन्न संस्कृतियों को देखने और समझने का अवसर प्राप्त होगा।

मुख्य अतिथि लेफ्टिनेट जनरल बी. एस. राजू यूवाईएसएम,
प्रेस से बातचीत करते हुए मुख्य अतिथि ने कहा कि अग्निवीर योजना सिविल समाज को सैन्य आचरण वाले अनुशासित एवं कुशल युवा उपलब्ध कराएगा। जो अग्निवीर सेना से वापस समाज में जाएँगे उनके लिए पुनः-रोजगार के ढेरों अवसर होंगे तथा वे युवाओं के लिए रोल मॉडल के रूप में उभरकर सामने आएँगे ।
उन्होंने सभी अग्निवीरों व उनके परिवारजनों को इस महत्वपूर्ण दिवस पर बधाई व शुभकामनाएं दी।
शनिवार सुबह जाट रेजिमेंटल सेंटर, बरेली स्थित बक्शी परेड ग्राउंड में आयोजित परम्परागत पासिंग आउट परेड में बतौर , एवीएसएम , वाईएसएम, जनरल अफसर कमांडिंग-इन-चीफ, दक्षिण-पश्चिम कमान एवम कर्नल ऑफ द जाट रेजिमेंट ने अपने संबोधन में कहा कि जाट रेजिमेन्ट का वीरता से भरा हुआ गौरवशाली इतिहास रहा है। अपने देश सेवा में जाट रेजिमेन्ट बहादुर जवानों ने अपना सर्वस्व बलिदान करते हुए न केवल जाट रेजिमेन्ट का अपितु राष्ट्र के गौरव को भी बढ़ाया है। उन्होंने सभी अग्निवीरों को जाट रेजिमेन्ट की इस वीर गाथा को आगे भी जारी रखने हेतु प्रोत्साहित किया और उनसे भारतीय सेना गौरवशाली परम्परा का निर्वहन करते हुए अपने कर्तव्यों का पालन करने के लिए अपनी प्रबल इच्छा जाहिर की है।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक अग्निवीर को देश सुरक्षा में तत्पर रहने के दौरान अनुशासन में रहकर सैनिक मूल्यों व सैन्य-धर्म का पालन करने और अपने देश के प्रति वफादार रहने हेतु प्रेरित किया ।

यह अवसर न केवल अग्निवीरों के लिए अति महत्त्वपूर्ण अवसर था अपितु उनके परिवारजनों के लिए भी एक यादगार पल था, जिनके समक्ष 164 अग्निवीरों ने देश पर अपना सर्वस्व न्योछावर करने लिए अपना अंतिम पग रखा। सम्मान स्वरूप प्रत्येक अग्निवीर के परिवारों को राष्ट्र के प्रति उनके योगदान का सम्मान करने के हेतु एक गौरव पदक भी भेंट किया गया। भव्य समारोह को देखने के लिए बड़ी संख्या में बरेली मिलिट्री स्टेशन के लोग उपस्थित थेI


