



बरेली (उत्तर प्रदेश) , टेलीग्रामहिन्दी। चार जुलाई। विधानसभा चुनाव के समय पूर्व विधायक केसर सिंह गंगवार के समर्थकों पर जानलेवा हमले के मामले में एमपी एमएलए की विशेष कोर्ट ने सोमवार को सपा सरकार में मंत्री रहे पूर्व मंत्री भगवत सरन गंगवार, उनके भाई, भतीजे, दो ब्लॉक प्रमुख समेत 11 आरोपियों को दोषमुक्त कर बरी कर दिया है। वादी और गवाहों के मुकरने पर कोर्ट ने सभी को बरी कर दिया। वहीं बयान से मुकरने वाले केसर सिंह गंगवार समर्थक तेजराम के खिलाफ कोर्ट ने केस दर्ज करने के आदेश दिये हैं।
भाजपा के पूर्व विधायक केसर सिंह गंगवार के समर्थक तेजराम ने थाना नवाबगंज में 14 फरवरी 2017 को रिपोर्ट दर्ज करायी थी। आरोप था कि वह अपने मित्र महेंद्र गंगवार एडवोकेट के साथ कार से नवाबगंज से अभयराजपुर गांव जा रहे थे। जब कार जयनगर गांव के लीलाधर के घर के पास पहुंची, तो जरेली गांव की ओर से 50-60 गाड़ियों के काफिले के साथ सपा प्रत्याशी भगवत सरन गंगवार आ गये। उनके सर्मथकों ने डंडे, हॉकी, रॉड और बँके से जानलेवा हमला कर दिया। केस दर्ज होने के बाद विवेचक ने पूर्व मंत्री और सपा प्रत्याशी भगवत सरन गंगवार, उनके भाई योगेंद्र गंगवार, भतीजे तरुण गंगवार, ब्लॉक प्रमुख विनोद दिवाकर व पुरुषोत्तम गंगवार, शेर सिंह गंगवार, ओमेंद्र गंगवार, सुधीर मिश्रा, वीरपाल गंगवार, अनिल गंगवार और गोपाल गुप्ता के खिलाफ • बलवा, जानलेवा हमला, मारपीट, गाली-गलौज और तोड़फोड़ के आरोप में चार्जशीट दाखिल- की थी। सुनवाई के दौरान गिरफ्तारी व कुर्की वारंट जारी होने पर पूर्व मंत्री भगवत सरन गंगवार ने समर्थकों के साथ विशेष कोर्ट में सरेंडर कर जिला जेल गये थे। जमानत मिलने पर सभी बाहर आए थे। सुनवाई के दौरान एफआईआर दर्ज कराने वाले केसर समर्थक तेजराम व दूसरे चश्मदीद गवाह अपने बयान से मुकर गए।


