



कारनामा
- लगा आरोप, कोटेदारों को लाभ देने के लिए कागजों पर सड़क की बढ़ा दी थी लंबाई
- विधायक डॉ. डीसी वर्मा ने उठाया था मामला, प्रारंभिक जांच में सही पाए गए आरोप
- संभागीय खाद्य अधिकारी और जिलाधिकारी ने सस्पेंड करने की की थी संस्तुति
- प्रमुख सचिव खाद्य ने गंभीरता से लिया मामला तो की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई
आरबी लाल, बरेली।
क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी धर्मेंद्र कुमार को शासन ने निलंबित कर दिया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने चहेते राशन दुकानदारों को आर्थिक लाभ पहुंचाने और उसमें बंदरबांट करने के लिए मीरगंज में क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी रहते कागजों पर सड़क की लंबाई बढ़ा दी, जिससे कोटेदारों को करीब चार लाख रुपये से अधिक का भुगतान हो गया। यह मामला मीरगंज के विधायक ने शासन तक पहुंचाया, तब जांच शुरू हुई। प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए गए तो संभागीय खाद्य अधिकारी जोगिंदर सिंह और जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी ने शासन को अलग-अलग रिपोर्ट भेजकर आरोपित एआरओ निलंबित कर विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की थी।
शासन को की गई थी कार्रवाई की संस्तुति
बता दें कि इस मामले में मीरगंज के विधायक डॉ. डीसी वर्मा की शिकायत पर शासन ने जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी से जांच कराकर रिपोर्ट मांगी थी। डीएम ने आरोपों की जांच एसडीएम मीरगंज से कराई, जिसमें गड़बड़ी सामने आई। इसके बाद डीएम ने तत्काल रिपोर्ट बनाकर शासन को भेज दी थी। वहीं, संभागीय खाद्य अधिकारी जोगेंद्र सिंह ने भी आरोपित क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी पर कड़ी कार्रवाई की संस्तुति की थी। दोनों अधिकारियों की रिपोर्ट और संस्तुति को प्रमुख सचिव बीना कुमारी मीणा ने गंभीरता से लिया और आरोपित अधिकारी को सस्पेंड कर दिया। निलंबन आदेश खाद्य आयुक्त सौरव बाबू द्वारा जारी किया गया है, जो सोमवार दोपहर जिला मुख्यालय पहुंच गया। इस मामले की डिटेल जांच उपायुक्त खाद्य आगरा को सौंपी गई है। उधर, आरोपित क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी धर्मेंद्र कुमार पिछले कई दिनों से मेडिकल अवकाश पर बताए जा रहे हैं।
यह है मामला
क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी धर्मेंद्र कुमार के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों और उनकी ओर से उपजिलाधिकारी, मीरगंज को बाईपास करके उचित दर विक्रेताओं को अधिक धनराशि का भुगतान कराए जाने के प्रकरण की जांच कराई गई, जिसके सम्बन्ध में जिला पूर्ति अधिकारी, बरेली ने अपने कार्यालय पत्रांक- 1096 दिनांक 28 जून 2022 के माध्यम से तथा उपजिलाधिकारी, मीरगंज ने अपने कार्यालय पत्रांक- 07 / उप जि०अ०/एस०टी०/2022 दिनांक 28 जून 2022 के माध्यम से जांच आख्या भेजी गई। जांच आख्याओं के आधार पर सन्दर्भित प्रकरण में धर्मेन्द्र सिंह, तत्कालीन क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी, मीरगंज ने उपजिलाधिकारी, मीरगंज के संज्ञान में लाए बिना, स्वयं के हस्ताक्षर से उचित दर विक्रेताओं को नियमानुसार देय परिवहन व्यय से अधिक भुगतान कराया, जिससे धनराशि रुपया 401749.20 की शासकीय धनराशि की क्षति/ गम्भीर वित्तीय अनियमितता बरतने की पुष्टि हुई थी।
निलंबन आदेश में ही जांच अधिकारी उपायुक्त खाद्य आगरा बनाए गए
खाद्य आयुक्त सौरब बाबू द्वारा जारी निलंबन आदेश में कहा गया है कि उप जिलाधिकारी, मीरगंज तथा जिलापूर्ति अधिकारी, बरेली की आख्या के क्रम में क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी धर्मेंद्र कुमार अपनी तैनाती के दौरान तहसील मीरगंज से प्रायः अनुपस्थित रहने, उच्चाधिकारियों को भ्रामक जानकारी देने स्वेच्छाचारिता व अनुशासनहीनता बरतने तथा राजकीय दायित्वों के निर्वहन के प्रति गैर जिम्मेदार होने व उनके द्वारा सन्दर्भित प्रकरण में गम्भीर वित्तीय अनियमितता बरते जाने के प्रथमदृष्ट्या दोषी पाए जाने के फलस्वरूप उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1999 में निहित प्राविधानों के अन्तर्गत इन्हें एतद्द्वारा तत्काल प्रभाव से निलम्बित करते हुए इनके विरूद्ध विभागीय कार्रवाई आसन्न की जाती है। निलम्बन अवधि में धर्मेंद्र कुमार उपायुक्त (खाद्य), आगरा मण्डल आगरा कार्यालय से सम्बद्ध रहेंगे। आदेश में उपायुक्त खाद्य आगरा जांच अधिकारी नामित किए गए हैं।
