



- रामगंगा नगर आवासीय योजना अल्प समय में हुई लोकप्रिय, निवेशकों में बनी पहली पसंद
- कभी घाटे में चल रहे प्राधिकरण कर्मियों को नहीं मिलता था वेतन
- उपाध्यक्ष जोगिंदर सिंह ने दिया कुशल नेतृत्व इससे हुआ बेहतर प्रदर्शन
बरेली। अभी घाटे में चल रहे हैं बरेली विकास प्राधिकरण कर्मचारियों का वेतन भी नहीं दे पा रहा था लेकिन अब लगातार दिनों दिन मालामाल होता जा रहा है। क्योंकि प्राधिकरण को कुशल नेतृत्व मिल गया है। यही वजह है कि रामगंगा नगर आवासीय योजना में जो निवेशक रुचि नहीं ले रहे थे अब वे इस योजना में आवास अथवा प्लाट मिलना एक उपलब्धि और स्टेटस मान रहे हैं। स्थान पाने के लिए सिफारिश भी करा रहे हैं।
करीब डेढ़ वर्ष पूर्व तक कर्ज में डूबे बरेली विकास प्राधिकरण युवा और कुशल उपाध्यक्ष मिलने से संस्थान की गरिमा में चार चांद लगे हैं। उपाध्यक्ष जोगेंद्र सिंह अपने अथक प्रयास और अनुभवों से प्राधिकरण घाटे सके उबारकर बड़े फायदे में ला दिया है। कर्मचारियों को भी नियमित रूप से वेतन आज ही मिले लगा है। स्थिति यह है कि एक साल में बचत से 520 करोड रुपए की एफडीआर बन चुकी है। यह एक बड़ी उपलब्धि है।
रामगंगा नगर आवासीय योजना की भूमि अर्जन के लिए प्राधिकरण ने बैंकों से जो ऋण प्राप्त किया था, उसकी अदायगी के करीब 42 करोड़ रूपये अवशेष थे। प्राधिकरण की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण योजना में विकास कार्य लगभग बन्द थे। आवासीय योजनाओं में प्लाट लेने में लोगों को रूचि नहीं थी। लेकिन अक्टूबर 2020 से प्राधिकरण की वित्तीय स्थिति में तेजी से सुधार आया। प्राधिकरण ने केवल बैंको का कर्ज भी चुकता किया, बल्कि रामगंगा नगर आवासीय योजना के भूखण्डों की बिक्री में भी काफी मांग बढ़ गयी। डेढ़ साल में बरेली विकास क्षेत्र के अन्तर्गत अवैध कालोनियों व अवैध निर्माणों पर नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की गयी।
अर्बन सीलिंग विभाग से प्राप्त भूमि जो अवैध कब्जों में थी उन्हें कब्जा मुक्त कराया गया। मानचित्र समाधान सप्ताह का आयोजन कर लम्बित ऑन लाइन मानचित्रों/प्रशमन मानचित्रों का त्वरित निस्तारण कराया गया जिससे प्राधिकरण की आय में बढ़ोत्तरी हुई। डोहरा रोड से बीसलपुर रोड मिलाने वाली 45 मीटर रोड का कार्य व्यवधान का निस्तारण करते हुए निर्माण कार्य पूर्ण कराया गया। सितम्बर 2021 में 100 करोड़ की एफडीआर कराने के तीन माह बाद ही 200 करोड़ की एक और एफडी करा दी गयी, पुनः मार्च 2022 में 100 करोड़ और अब 30 जून 2022 को रूपये 120 करोड़ यानी कुल अब तक 520 करोड़ रुपये की एफडीआर विभिन्न बैंकों से बनवायी गयी है।
फर्म रिन्युवल फीस 01 लाख
बीडीए ने पुरानी काम करने वाली फर्म रिन्युवल फीस में भी इजाफा कर दिया है। यह 25 हजार से 01 लाख रुपये कर दी गई है। फर्म रिन्युवल 01 वर्ष को होता है मगर, कोई फर्म 03 वर्ष को रिन्युवल कराना चाहता है, तो उसको 03 लाख रुपये जमा करना होगा। करीब 250 नई फर्म पंजीकरण से 05 करोड़ रुपये की बीडीए को आमदनी हुई है।
