करोड़ों का सरकारी चावल दबाया, अब होगी मकान की नीलामी

  • तहसील सदर ने 8 जून तय की नीलामी की तिथि

आर बी लाल

बरेली। राइस मिलर अब सरकारी चावल दबाकर कारोबार नहीं कर पाएंगे। प्रदेश सरकार ने इस मामले में सख्त कदम उठाना शुरू कर दिया है, इसके तहत खाद्य विभाग ऐसे मिलर चिन्हित कर रही है जिन्होंने अभी तक सीएमआर जमा नहीं कराया है। करोड़ों रुपए का चावल दबाने का खेल बरसों से चल रहा था। विपणन शाखा ने इंपैक्स फार्म पर 4.70 करोड़ रूपया बकाया तय करते हुए मालिक की कोठी नीलाम करने की तिथि तय कर दी है।

सार इंटेक्स नामक फर्म नाम से फतेहगंज पूर्वी क्षेत्र में राइस मिल कारोबार है। बताया जाता है इसके मालिक आशीष मोहन ने सरकारी धान लेने के बाद उसे बना चावल सरकारी गोदामों में नहीं पहुंचाया है। इसकी कीमत करीब 4.70 करोड रुपए है। खाद्य विभाग ने कई बार नोटिस जारी किए लेकिन फर्म मालिक उन्हें हवा में उड़ा दिया।

आरएससी जोगिंदर सिंह ने सरकारी चावल बकायेदारों पर सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत जिला खाद्य विपणन अधिकारी सुनील भारती ने पैरवी कर तहसील से आरसी जारी कराई। तहसील सदर प्रशासन ने आशीष मोहन के मकान की नीलामी कर सरकारी बकाया सरकारी खाते में जमा कराने के लिए उसका मकान नीलाम करने का फैसला किया है। बताया जाता है फर्म ने काफी कुछ पैसा जमा कर दिया है, इसके बावजूद बड़ा रकम अभी भी जमा नही हो पाई है। तहसील सदर ने आरसी जारी करते हुए महानगर कॉलोनी स्थित उत्सव में बने आशीष मोहन के शानदार आवास को 8 जून को नीलाम करने की तिथि तय कर दी है। दोपहर 2:00 बजे नीलामी प्रक्रिया शुरू होगी।

इससे पहले तहसील सदर राजस्व टीम के साथ विभागीय अफसरों ने नीलाम के लिए प्रस्तावित आवास का सर्वे और निरीक्षण भी किया। इसकी जानकारी मिलने पर फर्म मालिक में खलबली मची हुई है इसे बचाने के लिए हर मालिक जुगाड़ लगाने लेकिन विभागीय अधिकारी किसी भी तरह का समझौता करने को तैयार नहीं है।

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Author: Telegram Hindi