महाशिवरात्रि पर जबलपुर में ओशो ध्यान साधना शिविर का आयोजन

स्वामी शैलेंद्र सरस्वती व माँ अमृत प्रिया जबलपुर में करेंगे प्रवास और ध्यान कार्यक्रमों का संचालन

पवन सचदेवा


टेलीग्राम संवाद, सोनीपत। सोनीपत के दीपालपुर स्थित श्री रजनीश ध्यान मंदिर (ओशो फ्रेगरेंस आश्रम) के स्वामी शैलेन्द्र सरस्वती एवं मां अमृत प्रिया महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर मध्य प्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर में प्रवास करेंगे। जबलपुर, जो ओशो की तपोस्थली भी मानी जाती है, वहां वे ध्यान साधना कार्यक्रमों का संचालन करेंगे।

विशेष आयोजन – ओशो की दृष्टि में भगवान शिव

26 फरवरी को जबलपुर ओशो मित्र मंडल द्वारा मंगलेश्वरी कॉलोनी, बिलहरी में एक दिवसीय शिवमय ध्यान महोत्सव का आयोजन किया जाएगा, जो सुबह 11 बजे से रात 11 बजे तक चलेगा। इस कार्यक्रम में ओशो की छोटी बहन मां निशा भारती जी विशेष अतिथि होंगी।

इस अवसर पर –
विशेष प्रेस वार्ता
प्रवचन व प्रश्नोत्तर सत्र
ओशो मिलन संध्या सत्संग
“भगवान शिव को ओशो की दृष्टि से देखने” का आयोजन

भगवान शिव – आदि गुरु और ध्यान के प्रवर्तक

स्वामी शैलेन्द्र सरस्वती ने कहा कि भगवान शिव को आदि गुरु कहा जाता है। वे संभवतः प्रथम बुद्ध पुरुष थे, जिन्होंने अध्यात्म की विधिवत शिक्षा दी। उनके दो प्रमुख ग्रंथ –

  1. विज्ञान भैरव तंत्र (112 सूत्र)
  2. शिव सूत्र (48 सूत्र)

इन ग्रंथों पर ओशो ने गहन व्याख्यान दिए हैं, जिनमें विज्ञान भैरव तंत्र पर 80 व्याख्यान (अंग्रेजी में) और शिव सूत्र पर 10 व्याख्यान (हिंदी में) प्रमुख हैं।

स्वामी जी ने कहा कि ये तंत्र-विधियां शाश्वत और वैज्ञानिक हैं। इनमें किसी धार्मिक अनुष्ठान, तीर्थयात्रा, पूजा-पद्धति, मध्यस्थ पंडित-पादरी की जरूरत नहीं है। यह मार्ग एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण रखने वाले व्यक्ति के लिए है, जो जिज्ञासा, खोज और साहस से भरा हो।

तंत्र – चेतना का विज्ञान

माँ अमृत प्रिया ने बताया कि तंत्र किसी धर्म या संप्रदाय से नहीं जुड़ा, बल्कि यह अंतर्यात्रा की टेक्नोलॉजी है। उन्होंने कहा –
मनुष्य का तन-मन ही मंदिर और प्रयोगशाला है
विज्ञानी एक्सपेरिमेंट करता है, ध्यानी अनुभव करता है
तंत्र चरित्र बदलने की बात नहीं करता, बल्कि चित्त परिवर्तन की विधियां बताता है
विज्ञान भैरव तंत्र की 112 विधियां हर साधक के लिए हैं

ध्यान साधना शिविर – ओशो अमृतधाम, जबलपुर

2 से 8 मार्च तक स्वामी शैलेन्द्र सरस्वती व माँ अमृत प्रिया जबलपुर के ओशो अमृतधाम आश्रम, देवताल में ध्यान साधना शिविर का संचालन करेंगे। इसमें देश-विदेश से ओशो प्रेमी व साधक बड़ी संख्या में भाग लेंगे।

यह शिविर शांति, प्रेम, मुक्ति और परम आनंद की अनुभूति के लिए एक दुर्लभ अवसर होगा।