



पिता ने की शिकायत,जिला विद्यालय निरीक्षक ने शुरू कराई
जांच
सेनेटरी पैड मांगने पर टीचर ने छात्रा से किया दुर्व्यवहार
टेलीग्राम संवाद
बरेली। एक स्कूल में बालिका दिवस पर शर्मसार करने वाली घटना हुई। परीक्षा देने पहुंची बालिका को स्कूल में ही पीरियड शुरू हो गए थे इसके बाद उसने टीचर व प्रधानाचार्य से सेनेटरी पैड मांगा लेकिन उसे उपलब्ध नहीं कराया गया। घंटे पर उसे बाहर खड़ा किया गया असारणीय पीड़ा होने पर उसने रोना शुरू कर दिया इसके बावजूद उसे पर कोई दया नहीं हुई। उसे घर जाने के लिए कह दिया। अब पीड़ित परिजनों ने जिला प्रशासन और जिला विद्यालय निरीक्षक आदि से कार्रवाई संबंधी मांग की है। जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि मामला उनकी जानकारी में आ गया है। जांच कराई जा रही है।
मामला शुक्रवार सुबह रिक्की सिंह कन्या इण्टर कालेज, माडल टाउन में घटित हुआ। जब देश भर में बालिका दिवस मनाया जा रहा था उस दौरान बरेली में छात्रा से दुर्व्यवहार किया जा रहा था। कक्षा- 11 में अध्यनरत छात्रा परीक्षा देने गयी थी। उसको मासिक धर्म (Periods) आ गये।छात्रा द्वारा प्रधानाचार्या और टीचर से सेनेटरी पैड मांगा लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई बल्कि उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया। उसे खड़ा रखा गया जब वह रोने लगी तब उससे कहा गया वह घर चली जाए। छात्रा विषम परिस्थितियों में किसी तरह से घर तक पहुंची और रोते हुए घटनाक्रम बताया।
जानकारी मिलने पर उसके पिता रवि शंकर निवासी डेलापौर मानसिक रूप से परेशान हो गए। उन्होंने जिला विद्यालय निरीक्षक और जिला प्रशासन को लिखित शिकायत प्रेषित कर दी। पिता ने शनिवार सुबह पूरा प्रकरण जिला विद्यालय निरीक्षक तक पहुंचाया।
जिला विद्यालय निरीक्षक देवकी नंदन ने बताया कि उन्हें स्कूल में शर्मनाक घटना की जानकारी मिली है। मामले की जांच करवाई जा रही है।
छात्रा के पिता रवि शंकर निवासी डेलापौर ने रिक्की सिंह ने बताया कन्या इण्टर कालेज, माडल टाउन बरेली में कक्षा- 11 में अध्यनरत उनकी पुत्री से दुर्व्यवहार किया गया। जबकि उसी दिन बालिका दिवस मनाया जा रहा था। विद्यालय में परीक्षा देने गयी बेटी को पीरियड (मासिक धर्म Periods) आने पर सेनेटरी पैड देने की बजाय टीचर ने क्लास से बाहर निकाल दिया। करीब एक घंटे तक छात्रा ऐसी हालत में क्लास के बाहर खड़ी रही। पुत्री द्वारा प्रधानाचार्या से सेनेटरी पैड की मांग की गयी। लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई। छात्रा ने मां से दर्द साझा कर पूरी घटना संबंधी जानकारी दी। तब मां ने कहा- तुम्हें स्कूल से फोन करना चाहिए था। छात्रा ने कहा- मैम मेरी बात नहीं सुन रही थीं। कह रही थीं कि तुम झूठ बोल रही हो।
छात्रा के पिता ने बताया कि डीएम, डीआईओएस, राज्य महिला आयोग और महिला कल्याण विभाग में शिकायत की है। उन्होंने शिकायत में लिखा है कि जिस कालेज में मेरी बेटी पढ़ती है, वो लड़कियों का ही कालेज है। इसके बावजूद वहां पैड उपलब्ध नहीं कराया गया। उसे घर भेज दिया गया। जिससे उसे काफी शर्मिंदगी उठानी पड़ी। एक महिला होकर एक बेटी का दर्द महसूस नहीं किया।

