



पवन सचदेवा
टेलीग्राम संवाद, नई दिल्ली।नई दिल्ली के त्यागराज स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित इंडिया इंटरनेशनल वॉच एंड क्लॉक फेयर “समय भारती 2025 (समय का त्योहार)” का 22वां संस्करण आज, 19 जनवरी, को सफलता के साथ संपन्न हुआ। यह चार दिवसीय मेला भारत की अग्रणी घड़ी पत्रिका ट्रेडपोस्ट द्वारा आयोजित किया गया था, जो 16 जनवरी से 19 जनवरी तक चला।
उद्घाटन समारोह
16 जनवरी को इस मेले का उद्घाटन पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी द्वारा चांदनी चौक के सांसद प्रवीण खंडेलवाल की उपस्थिति में किया गया। इस आयोजन में भारत, स्विट्ज़रलैंड, हांगकांग, जापान सहित कई घड़ी बनाने वाले देशों के 100 से अधिक ब्रांडों ने भाग लिया।

प्रदर्शनी की झलकियां
मेले में 50,000 से अधिक प्रकार की घड़ियों का प्रदर्शन किया गया। इनमें सीमित संस्करण घड़ियाँ, कस्टम घड़ियाँ, प्राचीन विरासत घड़ियाँ, स्मार्टवॉच, और फिटनेस ट्रैकर्स शामिल थीं। प्रदर्शित घड़ियों की कीमत 200 रुपये से लेकर 3 लाख रुपये तक थी।
इस बार की प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण 16×16 फीट की विशाल घड़ी रही। इसके साथ ही, अज़ान घड़ी और पंचांग घड़ी जैसी तकनीकी और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध घड़ियाँ भी प्रदर्शित की गईं। अज़ान घड़ी, जो 230 शहरों के लिए प्रोग्राम की जा सकती है, ने दर्शकों का विशेष ध्यान खींचा।

मेक इन इंडिया और मेड इन इंडिया पर जोर
फेयर में “मेक इन इंडिया” और “मेड इन इंडिया” पहल को प्राथमिकता दी गई। स्वदेशी पुर्जों और घटकों के उपयोग पर जोर दिया गया, जिसमें भारत के विभिन्न हिस्सों से घड़ी निर्माताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

केरल से आया अनोखा योगदान
केरल से आए घड़ी निर्माता अफसर ने बताया कि वे 23,000 रुपये से 2.3 लाख रुपये तक की लकड़ी की आदमकद पेंडुलम घड़ियाँ बनाते हैं। शीशम, सागवान और रोजवुड जैसी लकड़ियों का इस्तेमाल कर बनने वाली ये घड़ियाँ देशभर में लोकप्रिय हैं। अफसर ने इस फेयर में बड़े ऑर्डर मिलने की खुशी भी जाहिर की।

प्रतिष्ठित ब्रांड्स की भागीदारी
फेयर में सीको, अरमानी, फॉसिल, और टाइटन जैसी प्रसिद्ध कंपनियों ने हिस्सा लिया। इनके साथ ही डायल, स्ट्रैप, और अन्य एक्सेसरी निर्माताओं ने भी अपने नवीनतम उत्पादों का प्रदर्शन किया।

गार्डन क्लॉक बना आकर्षण का केंद्र
इस संस्करण में पहली बार गार्डन क्लॉक पेश किया गया, जिसे विशेष रूप से दर्शकों ने सराहा। इस क्लॉक को इस फेयर का मुख्य आकर्षण माना गया।


अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति और व्यापार अवसर
यह मेला न केवल भारतीय ब्रांड्स बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार के लिए भी एक प्रमुख मंच बना। द एडिशन की अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति ने भारतीय कंपनियों को निर्यात और उत्पादन के नए अवसर प्रदान किए।
समापन के साथ ही, यह मेला समय और घड़ियों की दुनिया का अद्वितीय पर्व बन गया, जिसमें नवाचार, परंपरा और तकनीक का अद्भुत संगम देखने को मिला।
