एडीजी बरेली जोन रमित शर्मा ने सभी जिलों में सौंपे ड्रोन

विशेष संवाददाता

टेलीग्राम संवाद, बरेली। एडीजी बरेली जोन रमित शर्मा ने आगामी त्योहारों पर सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, अपराध नियंत्रण और शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु बरेली जोन से संबंधित सभी जिलों में ड्रोन वितरित किए हैं। उन्होंने कहा ड्रोन भीड़ प्रबंधन और अपराध नियंत्रण में अहम भूमिका
निभाएंगे।
आगामी त्यौहारों के मद्देनजर बरेली जोन पुलिस ने आम जनता की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) बरेली जोन रमित शर्मा ने जोन कार्यालय में सभी जिलों को सुरक्षा के लिए ड्रोन वितरित किए। इन आधुनिक उपकरणों का उपयोग भीड़ प्रबंधन, निगरानी और संभावित सुरक्षा खतरा पहचान में किया जाएगा।

सुरक्षा योजना में ड्रोन भूमिका

बरेली जोन ने ड्रोन तकनीक को सुरक्षा व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा बनाने का यह प्रयास, विशेष रूप से सार्वजनिक आयोजनों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किया गया है। पुलिस विभाग का मानना है कि ड्रोन की मदद से न केवल भीड़ की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखी जा सकेगी, बल्कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत और सटीक प्रतिक्रिया देना भी संभव होगा।

एडीजी बरेली जोन रमित शर्मा ने बताया, “ड्रोन का उपयोग हमें उन क्षेत्रों में निगरानी करने में सक्षम बनाएगा जहां पहुंचना मुश्किल होता है। यह तकनीक हमें संभावित खतरों की समय रहते पहचान करने में मदद करेगी, जिससे किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके।”

प्रशिक्षित कर्मियों ने किया ड्रोन का प्रदर्शन

जोन कार्यालय में ड्रोन संचालन हेतु प्रशिक्षित पुलिसकर्मियों द्वारा लाइव डेमोंस्ट्रेशन दिया गया। बरेली और बदायूं जिलों के ड्रोन संचालन में कुशल पुलिसकर्मियों ने इस तकनीक की क्षमता का प्रदर्शन किया, जिसमें आपातकालीन परिस्थितियों में ड्रोन उपयोग को दिखाया गया।

ड्रोन से मिली लाइव फीड ने यह स्पष्ट कर दिया कि यह उपकरण न केवल स्थिति का मूल्यांकन करने में मदद करेगा, बल्कि पुलिस को घटनास्थल पर जल्दी और प्रभावी कार्रवाई करने का भी अवसर प्रदान करेगा। प्रशिक्षित कर्मियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन और ड्रोन संचालन में दक्षता के लिए नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

त्योहारों के दौरान शहरों में भारी भीड़ एक सामान्य समस्या होती है, जो अक्सर कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बन जाती है। ऐसे में ड्रोन तकनीक पुलिस के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकती है। ड्रोन न केवल भीड़ के व्यवहार को मॉनिटर करेगा, बल्कि उन क्षेत्रों में निगरानी रखेगा जहां पुलिस बल की तैनाती सीमित होती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तकनीक का उपयोग संभावित अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि का समय रहते पता लगाने में अहम भूमिका निभाएगा।

लॉजिस्टिक्स कार्यालय से प्राप्त इन ड्रोनों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी आपात स्थिति में पुलिस तत्काल कार्रवाई कर सके। यह उपकरण उच्च गुणवत्ता वाली तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्डिंग माध्यम से पुलिस को घटनास्थल का व्यापक दृश्य प्रदान करेगा।

एडीजी रमित शर्मा ने बताया कि पुलिस के पास पहले से भी आधुनिक तकनीकें मौजूद हैं, लेकिन ड्रोन जैसी तकनीक ने सुरक्षा प्रबंधन में एक नई क्रांति ला दी है। उन्होंने यह भी कहा कि ड्रोन के संचालन के लिए प्रशिक्षित कर्मियों की संख्या बढ़ाने और उन्हें बेहतर प्रशिक्षण देने की योजना बनाई जा रही है।

स्थानीय जनता की प्रतिक्रिया

ड्रोन के उपयोग से जुड़ी इस पहल का स्थानीय लोगों ने भी स्वागत किया है। लोगों का मानना है कि आधुनिक तकनीक का उपयोग अपराधियों पर नकेल कसने और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने में कारगर साबित होगा।

भविष्य की योजनाएं

पुलिस विभाग का मानना है कि ड्रोन तकनीक को न केवल त्यौहारों के दौरान, बल्कि नियमित सुरक्षा अभियानों में भी इस्तेमाल किया जाएगा। यह तकनीक आतंकवाद विरोधी अभियानों और आपदा प्रबंधन में भी अहम भूमिका निभा सकती है।

ड्रोन का लाइव डेमोंस्ट्रेशन देखकर यह साफ हो गया है कि तकनीक के इस उपयोग से बरेली जोन पुलिस क्षमता में उल्लेखनीय सुधार होगा। एडीजी ने अन्य जिलों को भी जल्द से जल्द ड्रोन तकनीक अपनाने और प्रशिक्षित कर्मियों की टीम तैयार करने के निर्देश दिए हैं। आगामी त्यौहारों को ध्यान में रखते हुए बरेली जोन पुलिस द्वारा उठाया गया यह कदम सुरक्षा व्यवस्था में नई उम्मीदें जगाता है। ड्रोन तकनीक के इस्तेमाल से न केवल भीड़ प्रबंधन और अपराध नियंत्रण को प्रभावी बनाया जाएगा, बल्कि आम जनता को एक सुरक्षित वातावरण भी प्रदान किया जाएगा।