बिजली विभाग में जुगाड़ और सीमित संसाधनों से होगा बदलाव

टेलीग्राम संवाद, बरेली

पावर कॉरपोरेशन बरेली, अलीगढ़ और मेरठ नगरों में 15 नवंबर से रिस्ट्रक्चरिंग योजना ला रहा है। इससे पहले संबंधित नगरों में प्रबंध निदेशक और कंपनी निदेशक बैठक कर योजना समझा रहे हैं और फीडबैक भी ले रहे हैं। नई व्यवस्था से मौजूदा प्रबंधन प्रणाली पूरी तौर से बदल जाएगी। हालांकि अभी यह तय नहीं है कौन सा कार्यालय कहां होगा और उसका प्रभारी कौन होगा। सीमित संसाधन और बजट अभाव में ही नई व्यवस्था लागू हो रही है। गुरुवार सुबह लखनऊ से आए निर्देशकों ने बैठक कर फीडबैक लिया तब अधीनस्थों ने कई सवाल खड़े कर दिए। निर्देशक सही जवाब नहीं दे पाए और कहा कि स्थानीय स्तर पर जुगाड़ से ही योजना शुरू करें। उनका कहना था यह पायलट प्रोजेक्ट है तमाम समस्याएं आएंगी उन्हें दूर करने की कोशिश होगी।

रिस्ट्रक्चरिंग योजना संबंधी तैयारी परखने प्रबंध निदेशक मध्यांचल विद्युत वितरण निगम भवानी सिंह खंगरौत बुधवार शाम बरेली आए थे। उन्होंने चीफ इंजीनियर कक्ष में संबंधित अफसर से बैठ कर फीडबैक लिया। योजना भी बताई। उनका कहना था सरकार और विभाग बेहतर सेवा देना चाहता है। उपभोक्ता हित सर्वोपरि है। उपभोक्ता तक बेहतर और गुणवत्ता युक्त सेवा पहुंचना आवश्यक है इसलिए नई योजनाएं लागू होती है। उनका कहना था इसका प्रचार प्रसार भी जरूरी है इसलिए इसमें मीडिया तंत्र भी जोड़ना चाहिए।

मीडिया सहयोग संबंधी मांगी जानकारी

प्रबंध निदेशक ने बैठक में ही चीफ इंजीनियर रणविजय सिंह से मीडिया संबंधी सवाल किया कि आजकल क्या चल रहा है कैसे संबंध हैं ? उनका कहना था बेहतर प्रस्तुति से सरकार और विभागीय छवि जनता तक पहुंचती है। इसमें मीडिया सहयोग जरूरी है।

इस पर चीफ इंजीनियर ने बताया कि यहां मीडिया बहुत अच्छा नहीं है। बहुत खराब है। इसलिए उनके संबंध नहीं बने हैं। अगर कोई फोन करता है तो मैं कह देता हूं, लखनऊ में हूं या दौरे पर बता देता हूं। प्रबंध निदेशक ने भांप लिया कि यहां सब क्यों गड़बड़ है।

प्रबंध निदेशक ने बैठक ली थी। प्रस्तावित नई व्यवस्था पर चर्चा हुई जो 15 नवंबर से लागू होना है। मीडिया से संबंध बनाने, विभागीय छवि सुधारने पर भी बात हुई हुई थी। मध्यांचल से आए निर्देशकों ने भी गुरुवार सुबह बैठक कर फीडबैक लिया। नई व्यवस्था में अनुबंध ठेके के लोग धीरे धीरे कम होंगे। कम करेंगे। सीमित संसाधन में ही काम किया जाएगा। विस्तृत योजना बना रहे हैं।

रणविजय सिंह चीफ इंजीनियर, बरेली