



बरेली, टेलीग्राम हिंदी। एसएसपी प्रभाकर चौधरी के निर्देशन में बरेली पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। एसटीएफ लखनऊ व सीबीगंज पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अंतरराज्यीय वाहन चोरी करने वाले गैंग को पुलिस ने दबोच लिया। यह गैंग वाहनों के चेचिस व इंजन नंबर बदलकर उन्हें बेच देता था। आरोपियों के पास से दो ट्रक, तीन कार समेत अन्य सामान बरामद किया गया है।

पुलिस ने सभी आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया। पुलिस के मुताबिक एसटीएफ लखनऊ के प्रभारी दिलीप कुमार तिवारी को मुखबिर से सूचना मिल रही थी कि सीबीगंज के परसाखेड़ा में एक शीतल पेय कंपनी के पास खड़े ट्रकों के इंजन नंबर व चेचिस नंबर बदलकर उन्हें दूसरे नंबर से चलाया जा रहा है। जिसकी सूचना पर बीते शनिवार को एसटीएफ की लखनऊ शाखा ने सीबीगंज पुलिस से संपर्क कर परसाखेड़ा चौकी इंचार्ज जितेंद्र यादव के साथ कई जगह छापेमारी की। टीम को अलग-अलग जगह से दो ट्रक व तीन कार बरामद हुईं। इसके साथ ही पुलिस ने चार गाड़ी फर्जी गाड़ी के कागज, तीन एलुमिनियम की पट्टी, तीन प्लेट व सात मोबाइल बरामद किए हैं। पुलिस ने सीबीगंज के महेशपुरा के रहने वाले इम्तियाज अली, इकबाल हुसैन, भोजीपुरा के अजहर खान उर्फ चांद, बारादरी के आफताब, बहेड़ी के मोहम्मद वसीम व मुरादाबाद के मोहम्मद शमी को गिरफ्तार करा है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ लिखा पढ़ी कर उन्हें जेल भेज दिया।
सफाई के साथ बदल देते थे ट्रक का चेचिस व इंजन नंबर
आरोपियो ने बताया कि वह नए ट्रकों के चेचिस व इंजन नंबर बदल देते थे, उसके बाद इंश्योरेंस कंपनी से ट्रक चोरी होने का दावा कर क्लेम ले लेते थे, साथ ही उन ट्रकों के नंबर बदल कर दोबारा उन्हें रोड पर चलाते थे। इस तरह का फाइनेंस कंपनियों को अब तक करोड़ों रुपए का चूना लगा चुके हैं। ट्रकों के चेचिस व इंजन नंबर व अन्य कागजात उत्तराखंड का रहने वाला नदीम बनाता था, हालांकि वह पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
नंबर बदलकर बेच देते थे ट्रक व कार
पकड़े गए आरोपी बेहद शातिर किस्म के हैं, वे ट्रकों के चेचिस व इंजन नंबर बदलने के बाद कुछ ही समय में उन्हें बेच देते थे। एसटीएफ द्वारा पकड़ा गया उत्तराखंड नंबर का एक ट्रक चार सालों में चार बार बेचा जा चुका है, इसी तरह अन्य ट्रक व कार भी कई-कई हाथों में बिक चुके हैं।
वाहनों की ठगी से सगे भाई बने करोड़पति
सीबीगंज के महेशपुर के रहने वाले इम्तियाज व इकबाल सगे भाई हैं। दोनों भाइयों ने वाहन के इंजन व चेचिस नंबर बदलने के मामले में पुलिस की पूछताछ में कबूला है कि वह यह काम कई वर्षों से कर रहे हैं और इस दौरान उन्होंने लाखों रुपए के वारे न्यारे किए हैं। उन्होंने जगह-जगह अपनी संपत्ति बनाई है। बताया जाता है कि इम्तियाज अली की बेटी का 11 जून का निकाह है। लेकिन दोनों भाइयों को जेल जाने का कोई अफसोस नहीं है। एसटीएफ व सीबीगंज पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में वाहन चोरी कर उनके चेचिस नंबर बदलने वाले गैंग को पकड़ा गया है, सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
