उत्तराखंड में शारदा और गंगा नदी कॉरिडोर से नया अध्याय: मुख्यमंत्री धामी

पर्यटन और सांस्कृतिक धरोहर का वैश्विक केंद्र बनने की ओर

विशेष संवाददाता

टेलीग्राम संवाद, बरेली। उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देवभूमि में पर्यटन, धार्मिक स्थल सौंदर्यीकरण, विकास परियोजनाओं को नई ऊंचाइयों पर ले जाने हेतु संकल्प व्यक्त किया है। बरेली में आयोजित 29वें उत्तरायणी मेला उद्घाटन दौरान उन्होंने कहा कि शारदा और गंगा नदी कॉरिडोर परियोजनाएं उत्तराखंड को एक वैश्विक पर्यटन गंतव्य में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में गंगा और शारदा नदी पर कॉरिडोर परिकल्पना हरिद्वार और ऋषिकेश में गंगा नदी पर कॉरिडोर निर्माण का ऐलान किया। उन्होंने कहा, हमने गंगा कॉरिडोर का कार्य शुरू कर दिया है, जो धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को सशक्त करेगा। शारदा नदी पर भी एक भव्य कॉरिडोर बनाया जा रहा है, जहां सुन्दर घाट और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यह पहल श्रद्धालुओं और पर्यटकों के अनुभव को अभूतपूर्व बनाएगी।

डेस्टिनेशन वेडिंग और सांस्कृतिक पर्यटन

उत्तराखंड “डेस्टिनेशन वेडिंग” केंद्र रूप में विकसित करने के प्रयास भी जारी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, “हम चाहते हैं कि लोग विदेशों में शादी समारोह करने के बजाय देवभूमि में आएं। यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक महत्व और स्थानीय संस्कृति इन आयोजनों को यादगार बनाएगी।”
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पाद अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने की दिशा में हो रहे प्रयासों का उल्लेख किया।

महिला सशक्तिकरण और लखपति दीदी योजना

महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि लखपति दीदी योजना के तहत अब तक एक लाख महिलाएं लाभान्वित हुई हैं। सरकार उन्हें बिना ब्याज के ऋण मुहैया करा रही है ताकि वे अपनी उद्यमशीलता को आगे बढ़ा सकें।

धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों का पुनर्निर्माण

मुख्यमंत्री ने बताया कि बाबा केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में मास्टर प्लान के तहत कार्य हो रहे हैं। कुमाऊं क्षेत्र के मंदिरों का भी सौंदर्यीकरण और पुनर्निर्माण किया जा रहा है। उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन का विस्तार हमारी प्राथमिकता है। इससे न केवल पर्यटक संख्या बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।

सख्त कानून और प्रशासनिक सुधार

मुख्यमंत्री धामी ने सरकार द्वारा लाए गए प्रमुख कानूनों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया, हमने धर्मांतरण रोधी कानून, दंगा रोधी कानून, और नकल रोधी कानून जैसे कई कठोर कदम उठाए हैं। नकल माफियाओं पर कार्रवाई करते हुए 100 से अधिक को जेल भेजा गया है।
धर्मांतरण, लव जिहाद और थूक जिहाद के खिलाफ उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में 5,000 एकड़ भूमि माफियाओं से अवैध कब्जे मुक्त कराया गया है।

समान नागरिक संहिता:एक ऐतिहासिक पहल

उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में उठाए गए कदम को उन्होंने राज्य का गौरव बताया। हम इस महीने इसे लागू करेंगे। यह पहल देश के लिए मिसाल बनेगी और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करेगी।

राष्ट्रीय खेलों का आयोजन

मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा 28 जनवरी से उत्तराखंड में 28वें राष्ट्रीय खेलों का शुभारंभ होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका उद्घाटन करेंगे। यह आयोजन राज्य को खेल और पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगा। इसका समापन हल्द्वानी में होगा।

बरेली और उत्तराखंड से जुड़ाव

मुख्यमंत्री धामी ने बरेली से अपने पुराने जुड़ाव का जिक्र करते हुए कहा, बरेली मेरा दूसरा घर जैसा है। यहां की सांस्कृतिक विरासत और उत्तरायणी मेले में उत्तराखंड की छाप स्पष्ट रूप से दिखती है। यह आयोजन उत्तराखंड और यूपी के बीच सांस्कृतिक और सामाजिक संबंधों को मजबूत करता है।

उत्तरायणी मेले का भव्य आयोजन

बरेली क्लब मैदान पर आयोजित उत्तरायणी मेला तीन दिन तक चलेगा। इसमें उत्तराखंड की संस्कृति, लोक संगीत, और पारंपरिक नृत्य ने दर्शकों का दिल जीत लिया। मेला मैदान में उत्तराखंड में निर्मित विशेष व्यंजनों और हस्तशिल्प स्टॉल भी लगाए गए हैं। बच्चों के लिए झूले और मनोरंजन के अन्य साधन आकर्षण का केंद्र रहे।

मुख्यमंत्री ने मेला आयोजन की प्रशंसा करते हुए इसे उत्तराखंड की संस्कृति और परंपरा का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा, उत्तरायणी मेला न केवल हमारे सांस्कृतिक धरोहर को संजोता है, बल्कि इसे नई पीढ़ी के सामने प्रस्तुत भी करता है।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री की उत्सुकता

मुख्यमंत्री धामी मेले में उत्तराखंड कलाकारों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों को देखकर काफी प्रसन्न हुए। उन्होंने आयोजन समिति और बरेलीवासियों को इस भव्य आयोजन हेतु बधाई दी।

उत्तराखंड सरकार द्वारा उठाए जा रहे ये कदम राज्य को विकास, सांस्कृतिक पहचान, और वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर नई ऊंचाईयों तक ले जाएंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में देवभूमि न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में उभरेगा, बल्कि देश के विकास मॉडल में भी एक नया अध्याय जोड़ेगा।

उन्होंने कहा पूर्णागिरी में यूपी से ज्यादा श्रद्धालु जाते है। मुझे काफी खुशी होती है। अब हम वहां शारदा कॉरिडोर बनाएंगे। जिससे वहां सुन्दर घाट होंगे और सौंदर्यीकरण होगा।

डेस्टिनेशन वेडिंग और पर्यटन रूप में उत्तराखंड को विकसित किया जा रहा है। जिससे लोग विदेश में वैवाहिक और अन्य कार्यक्रम ना कर देवभूमि पर आकर आयोजित करेंगे। जब पर्यटक उत्तराखंड जाएंगे तब उनको बहुत अच्छा लगेगा। उत्तराखंड में हैंडीक्राफ्ट बहुत अच्छे उत्पाद बन रहे है। बहुराष्ट्रीय कंपनियों को भी वो फैल कर रहे है। हमारे राज्य में महिलाओं ने बहुत अच्छा काम किया है। हमारे राज्य में एक लाख लखपति दीदी बन गई है। हम बिना ब्याज के उन्हें लोन देंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा हल्द्वानी में आगजनी करने का काम हुआ। हमने सख्त दंगा रोधी कानून बनाया। अब कोई दंगा करेंगे तो उसक खिलाफ सख्त कार्यवाही होगी। नुकसान की भरपाई भी उससे होगी। हमने नकल विरोधी कानून बनाया। पहले आए दिन नकल संबंधी बहुत मामले आते थे। पहले जो बुद्धिमान बच्चे होते थे लेकिन उनका चयन नहीं हो पाता था। नकल माफियाओं का डंका बजता था। हमने 100 से ज्यादा नकल माफियाओं को जेल भेजने का काम किया। हमने 3 सालों में 19 हजार लोगों को रोजगार दिया। जो अपने आप में रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा हमने लैंड जिहाद पर कानून बनाया है। पांच हजार एकड़ भूमि को कब्जा कर रखा था उस भी मुक्त कराया। थूक जिहाद के खिलाफ भी हमने कानून बनाया।

मुख्यमंत्री ने बताया देवभूमि उत्तराखंड में हमने समान नागरिक संहिता कानून बनाया है। इसका गौरव देवभूमि उत्तराखंड को प्राप्त हुआ। इसी माह हम इसे लागू करेंगे। शारदा गंगा, सरस्वती, कावेरी जैसी पवित्र नदियां पूरे देश में जीवन और जल देने का काम समान रूप से करती है। उसी तरह समान नागरिक आचार संहिता (यूजीसी) भी काम करेगी।